अंकल जी ने कहा 4 घंटे के 40 लाख रु शादी के, बर्बादी…भाई लोग ये फंक्शन सिंपल रखो, और मत खिलाओ हम जैसे लोगों को

parmodkumar

0
12

आज के समय में लड़का-लड़की चाहते हैं कि उनकी शादी ग्रैंड, मेमरेबल और लग्जुरियस हो। खूबसूरत वेन्यू, महंगा मेकअप, हैवी-हैवी ड्रेसेस और शानदार सजावट, सब कुछ परफेक्ट होना चाहिए। लेकिन इस परफेक्शन की चाहत में हम भूल जाते हैं कि इन तैयारियों पर कितना पैसा खर्च हो रहा है। कई बार परिवार अपनी सेविंग्स तक लगा देते हैं और बाद में फाइनेंशियल प्रेशर झेलना पड़ता है।

असल मायने में शादी सिर्फ दिनभर का फंक्शन नहीं, बल्कि एक नई जिंदगी की शुरुआत है। इसलिए जरूरी है कि खर्च से ज्यादा महत्व रिश्ते, समझदारी और साथ मिलकर आगे बढ़ने को दिया जाए। इसी को लेकर एक शख्स ने शादी में होने वाले खर्चों के बारे में बात की, उन्होंने कहा ‘’क्यों शादियों में इतना पैसा खर्च करना, अपनी लड़की को दीजिए’’. चलिए जानते हैं आखिर क्या कहा उन्होंने। और क्यों जरूरी नहीं है शादियों में इतना खर्च करना।

शख्स ने दी शादी को लेकर सीख

​वीडियो में शख्स ने बताया कि वो जयपुर के एक नामी होटल में एक शादी में आए हैं। उन्होंने अभी-अभी 37 लाख 40 हजार रु का बिल साइन किया है, जिसकी पेमेंट अगले दिन होगी। वह कहते हैं कि मान लिया, 40 लाख रुपये चार घंटे के फंक्शन पर खर्च कर भी दिए, लेकिन असली सवाल ये है कि शादी का यह रिश्ता कितने घंटे, कितने साल चलेगा, यह किसे पता है?

इसलिए उनका संदेश बिल्कुल साफ है: शादी को दिखावे का बड़ा इवेंट मत बनाओ। फंक्शन सिंपल रखो, वही लोग बुलाओ जो आपके दुख-सुख में सच में साथ हों। शादी एक दिन का शो नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी चलने वाला रिश्ता है। इसमें यह मायने नहीं रखता कि कौन आया, कौन गया या किसने क्या खाया। वह बताते हैं कि यहां एक प्लेट की कीमत 3,440 रु (टैक्स के साथ) है, और उन्होंने खुद 250 ग्राम भी खाना नहीं खाया होगा।

वह कहते हैं कि यह सब पैसों की फालतू बर्बादी है। अगर इतना पैसा अपनी बेटी के नाम एफडी में कर दिया जाए तो उसकी जिंदगी में ज्यादा काम आएगा। ऐसे भरे-पेट लोगों को खिलाने में पैसा क्यों उड़ाना?

क्यों नहीं करनी चाहिए शादी में पैसों की बर्बादी

शादी में पैसों की बर्बादी नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह एक दिन का इवेंट है, जबकि जिंदगी उससे कहीं लंबी होती है। दिखावे में खर्च किए गए लाखों रु बाद में किसी काम नहीं आते। बेहतर है कि यह पैसा फ्यूचर की जरूरतों, बेटी की पढ़ाई, एफडी या घर, परिवार की सुरक्षा में लगाया जाए। ज्यादातर मेहमान खाना भी पूरा नहीं खाते, और खर्च सिर्फ नाम के लिए रह जाता है। शादी को जितना सरल रखेंगे उतने रिश्ते मजबूत होंगे और फिजूलखर्ची भी नहीं होगी।

मेहमान नहीं रखते याद

मेहमान शादी में आए हुए अरेंजमेंट ज्यादा देर तक याद नहीं रखते। उन्हें न सजावट याद रहती है, न महंगे फूल, न बड़ी-बड़ी लाइटिंग। यहां तक कि खाना भी ज्यादातर लोग बस थोड़ा-बहुत चखकर छोड़ देते हैं। अगले ही दिन सब अपनी जिंदगी में वापस से बिजी हो जाते हैं, और शादी का पूरा खर्च सिर्फ परिवार पर रह जाता है। इसलिए मेहमानों के लिए फिजूल का दिखावा करने का कोई असली फायदा नहीं होता। बेहतर है शादी को सरल, और अपनी क्षमता के हिसाब से रखा जाए।

शादी रखनी है तो सिंपल रखें

शादी रखनी है तो हमेशा सिंपल रखें, क्योंकि दिखावे पर किया गया खर्च कुछ घंटों की ही खुशी देता है, लेकिन उसका बोझ लंबे समय तक परिवार को उठाना पड़ता है। महंगे सजावट, बड़े-बड़े मेन्यू और आलीशान अरेंजमेंट मेहमानों को अगले दिन याद भी नहीं रहते। असली खुशी तब होती है जब शादी बिना तनाव, बिना फालतू खर्च और सिर्फ अपनों के बीच हो। हमेशा शादी सिंपल रखें।