तानों से हार नहीं मानी, बन गए स्टार: भिवानी के दो भाइयों का गाना ‘बैरण’ Billboard पर छाया!

parmodkumar

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आलोचना हर बार इंसान के हौसलों को नहीं तोड़ती बल्कि मंजिल पाने के जज्बे को और मजबूत कर देती है। भिवानी जिले के संडवा गांव निवासी 2 चचेरे भाई सुमित और अनुज ने ऐसा ही उदाहरण पेश किया है। संगीत की बात करने पर कभी लोगों के ताने सुनने वाले इन दो भाइयों ने हरियाणवी गाने बैरण की बदौलत लोगों के दिलों पर अपनी छाप छोड़ दी है। बिलबोर्ड जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर यह गाना पिछले तीन सप्ताह से टॉप रैंकिंग में बना हुआ है। दोनों भाइयों की प्रतिभा का चर्चा हर किसी की जुबान पर है। गाने में अनुज ने अपनी आवाज दी है और सुमित ने म्यूजिक कंपोज किया है। बैरण गाने को यू-ट्यूब पर अभी तक 70 मिलियन से ज्यादा लोग देख चुके हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर गाने को रील्स में यूज किया जा रहा है।
शौक को बनाया जुनून, मिल गई सफलता
अनुज और सुमित बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही गाना गाने का शौक था। कोरोना आने पर 2020 में लॉकडाउन लगा तो उन्होंने गायन क्षेत्र में ही करियर बनाने की ठान ली। उन्होंने 2019 में एक गाना लिखा। उन्होंने अपने परिवार से 40 हजार रुपए लेकर हिसार के एक म्यूजिक प्रोड्यूसर से गाना तैयार करवाया। गाने का म्यूजिक दोनों भाइयों को पसंद नहीं आया। इसके बाद 5 और गाने रिलीज किए, लेकिन सफलता नहीं मिली लेकिन छठे गाने बैरण ने तकदीर बदल दी।
कोरोना काल में काम ने पकड़ी रफ्तार
अनुज ने बताया 2020 में कोरोना महामारी के दौरान गाने की सही शुरुआत हुई। हारमोनियम और कंप्यूटर खरीदा। यू-ट्यूब से प्रशिक्षण लिया। 2024 में यू-ट्यूब पर बंजारा के नाम से चैनल बनाया। इसी चैनल से उन्होंने अपने गाने रिलीज करने शुरू कर दिए। ‘सूट्स विद मी’ पहला गाना रिलीज किया। उसके बाद उन्होंने दूसरा गाना ‘डिफरेंट टॉक’, आशिक आवारा, मौज, हाय रै रिलीज किया। ये गाने नहीं चले। आखिर में बैरण गाना लिखा। इसका म्यूजिक कंपोज करने के साथ चंडीगढ़ में वीडियो भी शूट किया लेकिन पंसद नहीं आया। आखिर में 23 जनवरी को बैरण ऑडियो सांग रिलीज किया। लोग इस गाने को पसंद करने लगे। इसके बाद एनिमेटेड वीडियो लगाने का प्लान आया। 13 फरवरी को एनिमेटेड वीडियो रिलीज किया।

लोग कहते थे इन गानों में कुछ नहीं रखा
अनुज ने बताया कि कोरोना में लॉकडाउन के दौरान जब उन्होंने गाने बनाना शुरू किया तो कुछ लोग उनसे कहते थे कि गानों में कुछ नहीं रखा है। माता-पिता को भी यही कहते थे कि बच्चों को पढ़ा-लिखाकर आगे बढ़ाओ, क्योंकि गाने के क्षेत्र में सबको कामयाबी नहीं मिलती। माता-पिता ने लोगों की बातों पर ध्यान न देकर हमार साथ मिला। दोनों भाइयों ने हार नहीं मानी और आज हर कोई उनके घर पर पहुंचकर उन्हें बधाई दे रहा है।

बिलबोर्ड इंडिया की टॉप रैंकिंग में आया गाना
अनुज ने बताया गाने के बोल लिखने के दौरान उन्होंने बार-बार इसके लिरिक्स बदले। गाने के बोल हैं- “हो, मन्नै सांभ-सांभ राखे तेरे झांझरा के जोड़े। मेरी गेल रो-रो ये भी छोरी बावले से होरे। मन्नै आए जावै ख्याल तेरे, खाए जावै ख्याल तेरे। जीण कोन्या देती, हाय बैरी तन्हाई मन्नै।” 17 मार्च को बैरण गाना बिलबोर्ड इंडिया की टॉप रैंकिंग में आ गया। बिलबोर्ड इंडिया कैटेगरी अनुसार सबसे ज्यादा सुने जाने वाले गानों की रैंक तय करता है। सिंगर की पॉपुलैरिटी, फॉलोअर्स, सोशल मीडिया एंगेजमेंट देखी जाती है। 50 हजार में तैयार हुए गाने के लोग मुरीद हो गए।

पॉपुलैरिटी के बाद बॉलीवुड से भी ऑफर आए
अनुज ने बताया कि बिलबोर्ड इंडिया की नंबर वन रैंकिंग में आने के बाद हरियाणा, पंजाब और बॉलीवुड से उन्हें लगातार ऑफर आ रहे हैं। उनकी मुंबई में एक बड़ी कंपनी के साथ भी बातचीत हुई, लेकिन वहां पर ठीक नहीं लगा और इसलिए काम नहीं किया। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा, केडी, अमित सैनी रोहतक की तरफ से भी साथ काम करने के लिए ऑफर आए। पंजाब से दिलप्रीत ढिल्लों की तरफ से भी ऑफर मिला।

ये है पारिवारिक बैकग्राउंड
सुमित के पिता सत्यवान पीटीआई अध्यापक हैं। उन्होंने अंबाला पॉलिटेक्निक से मैकेनिकल ट्रेड में कोर्स किया। उसके बाद हिसार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से एग्रीकल्चर में बीटेक की। सुमित भी गाने के साथ म्यूजिक कंपोज करते हैं। उनका छोटा भाई सहायक प्रोफसर है। वहीं अनुज के पिता राजेंद्र सिंह जेबीटी अध्यापक हैं। अनुज की एक बड़ी बहन भी है। उसकी बहन ने जेआरएफ क्वालीफाई किया हुआ है। अनुज ने पॉलिटिकल साइंस में एमए करने के बाद नेट का एग्जाम भी क्रैक किया। अनुज ने बताया कि गूगल की टीम ने उन्हें फोन कर मुंबई बुलाया था। अभी वे मुंबई में हैं।