हरियाणा के जींद जिले के उचाना कलां में एक महिला ने 9 बेटियों के बाद बेटे को जन्म दिया है। 15 दिन में यह दूसरी ऐसी घटना है जिसमें महिला ने इस प्रकार से इतनी बेटियों के बाद बेटे को जन्म दिया। उचाना में ही जनवरी के पहले सप्ताह में एक महिला ने 10 बेटियों के बाद बेटे को जन्म दिया था। इस मामले में भी पहले मामले की समानता यह है कि इस महिला ने भी इससे पहले 10 बेटियों को जन्म दिया था लेकिन एक बेटी का निधन हो गया था। 9 बेटियों के बाद पैदा हुए बेटे के जन्म के बाद घरवालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। घरवालों ने बेटे का नाम भी रख दिया है। मां-बाप ने अपने बेटे का नाम दिलखुश रखा है।
बेटियों के नाम भी जान लीजिए
पिता सुरेंद्र ने कहा कि भगवान की कृपा से 9 लड़कियों के बाद बेटा हुआ है। जब भी मेरी पत्नी बेटी को जन्म देती थी तो सब कहते थे भगवान बेटा दे इसको, भगवान की कृपा से अब बेटा हुआ है, जिससे सभी को खुशी हुई है। इसलिए हमने अपने बेटे का नाम दिलखुश रखा है। बता दें कि सुरेंद्र और ऋतु की शादी 23 साल पहले हुई थी। उनकी इससे पहले 9 बेटियां थी। इनकी सबसे छोटी बेटी की उम्र 3 साल है, जबकि बड़ी बेटी की उम्र 21 साल है। इनकी बेटियों के नाम कल्पना, आरती, भारती, खुशी, मानसू, रजनी, रजीव, काफी, माफी बेटियां हैं। सुरेंद्र के भाई की भी तीन बेटियां हैं। अब 12 बहनों को उनका भाई मिल गया है। बेटे की आने से घर में खुशी का माहौल है। गांव वाले सुरेंद्र और उसकी पत्नी के घर पहुंच कर उसे बधाइयां दे रहे हैं। बेटे के जन्म के बाद मां रितू भी काफी खुश हैं।
मां बोली 23 साल बाद हमारे घर में बाबू आया
बेटे के जन्म के बाद मां ऋतु ने बताया कि भगवान ने नौ बेटियों के बाद बेटा दिया है। हमारी शादी को 23 साल हो चुके हैं। बेटे केआने से सभी को खुशी हुई है। अब हमारे घर में छोटा बाबू आया है। हम बहुत खुश है, जिसको हम शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं। अब 12 बहनों को भाई मिल गया है। दिल खुश की सगी बहने 9 हैं और 3 ताऊ के बेटियां है। भगवान ने हमला दिलखुश कर दिया है। इसलिए हम अपने बेटे का नाम दिलखुश रखेंगे।
पहले भी सामने आया था इस तरह का मामला
प्रदेश सरकार और आज के माहौल में जब लड़का और लड़की को एक समान माना जाता है। ऐसे में लड़के की चाह में इस प्रकार से 10 लड़कियों का पैदा करना अपने आप में एक बड़ी बात है। विशेष बात यह है कि पिछले 15 दिनों में जो दो मामले इस प्रकार के सामने आए हैं, दोनों ही मामलों में बच्चों के पिता दिहाड़ीदार मजदूर बताए गए हैं। पहले वाले मामले में फतेहाबाद जिले के ढाणी भोजराज के रहने वाले संजय की पत्नी सुनीता ने 10 बच्चियों के बाद बेटे को जन्म दिया था। संजय को अपने बच्चों का नाम तक याद नहीं थे।
दिहाड़ी मजदूर की पत्नी ने 9 बेटियों के बाद बेटे को दिया जन्म, नाम रखा ‘दिलखुश’, लड़कियों के नाम भी जान लीजिए!
parmodkumar










































