दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके की जांच में नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। इस मामले ने अब डिजिटल मोड़ ले लिया है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि ब्लास्ट की साजिश में शामिल अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े तीन डॉक्टरों की बातचीत को खंगालने के बाद जांच में पता चला है कि डॉक्टर्स आपस में बातचीत करने के लिए Threema नाम के एक मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे। खास बात यह है कि इस ऐप को भारत में बैन किया जा चुका है। रिपोर्टों के अनुसार, तीनों डॉक्टर इस ऐप के जरिए लगातार संपर्क में थे। थ्रीमा ऐप पर बिना फोन नंबर और ईमेल आईडी के अकाउंट बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं इस ऐप के बारे में।
बिना नंबर और आईडी के हो जाता है साइन अप
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों ने Threema की आर्किटेक्चर का इस्तेमाल करके एक बंद संचार नेटवर्क (close communication network) बनाया था। यह ऐप ज्यादा से ज्यादा प्राइवेसी के लिए डिजाइन किया गया है। ऐप पर यूजर को साइन-अप करने के लिए किसी फोन नंबर या ईमेल आईडी की जरूरत नहीं होती है। उन्हें रैंडम जेनरेटेड आईडी मिलती है। यह आईडी प्लेटफॉर्म पर उनकी पहचान की तरह काम करती है। माना जा रहा है कि इससे संदिग्धों को रडार से नीचे रहने में मदद मिली।
टेलीग्राम ग्रुप का भी हुआ खुलासा
Threema के बारे में पता चलने के बाद एजेंसियों ने इसी मॉड्यूल से जुड़े 2 टेलीग्राम ग्रुप का भी खुलासा किया। आरोपियों के एन्क्रिप्टेड चैट से मिले मेटाडेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। हालांकि जांचकर्ताओं का मानना है कि ऐप के मिनिमम डेटा फुटप्रिंट को देखते हुए ज्यादा कुछ मिलने की उम्मीद नहीं है।
अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि संभवत: तीनों डॉक्टरों ने एक प्राइवेट Threema सर्वर भी बनाया था। इससे वो पूरी तरह से अलग-थलग माहौल में फाइलों, मैप आदि को शेयर कर सकते थे। सूत्र के अनुसार, लोकेशन शेयर करने और कामों को बांटने की प्लानिंं इसी प्राइवेट नेटवर्क के जरिए बनाई गई थी। इस ऐप में बातचीत की हिस्ट्री या बैकअप को रिकवर करने के लिए कुछ भी नहीं बचता, जो इस ऐप को खतरनाक बना देता है।
Threema ऐप, मई 2023 से भारत की बैन लिस्ट में है। तब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी अधिनियम की धारा 69A के तहत कई विदेशी मैसेजिंग ऐप को ब्लॉक कर दिया था। सरकार की जांच में पाया गया था कि ऐसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पाकिस्तान स्थित समूह भारत माहौल को बिगाड़ने के लिए कर रहे थे। थ्रीमा ऐप के फीचर्स ने इसे बेहद खतरनाक बना दिया है।
थ्रीमा के जरिए कोई भी अपनी लोकेशन को हाइड कर सकता है। आसान भाषा में समझाएं तो इस ऐप को इस्तेमाल करने वाले की लोकेशन तलाशना मुश्किल हो जाता है क्योंकि आरोपी विदेशी सर्वरों और वीपीएन के जरिए अपनी जानकारी छुपा ले जाते हैं। कोविड-19 के बाद भारत में जो ऐप इस्तेमाल किए जाने शुरू हुए थे, उनमें थ्रीमा भी शामिल था। हालांकि अब यह ऐप देश में बैन है।















































