तुलसी का पौधा हर 4 महीने में क्यों सूख जाता है? गार्डनिंग एक्सपर्ट ने बताई गलती

parmodkumar

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हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना जाता है। लगभग हर घर के आंगन या बालकनी में तुलसी का पौधा जरूर होता है। लेकिन अक्सर लोग इस बात से परेशान रहते हैं कि भरपूर देखभाल के बावजूद उनकी तुलसी हर 3-4 महीने में सूखने लगती है। पौधे को असमय मरने से बचाने के लिए केवल श्रद्धा ही नहीं, बल्कि सही गार्डनिंग टिप्स की भी जरूरत होती है।

गार्डनिंग एक्सपर्ट के मुताबिक मिट्टी के चुनाव से लेकर मंजरी हटाने और खाद के सही इस्तेमाल तक, ऐसी कई छोटी मगर जरूरी बातें हैं जो आपके पौधे की उम्र बढ़ा सकती हैं। सबसे जरूरी यहां आपको पौधे में पानी डालने का सही तरीका भी जानना होगा। क्योंकि ओवरवाटरिंग से पौधा बहुत जल्दी मर जाता है।

आजकल लोग सुंदरता के चक्कर में प्लास्टिक के गमलों का इस्तेमाल करते हैं, जो तुलसी के लिए सबसे बड़ी गलती है। प्लास्टिक के गमलों में हवा का संचार नहीं हो पाता और पानी लंबे समय तक अंदर जमा रहता है, जिससे जड़ें सड़ जाती हैं। तुलसी के लिए हमेशा मिट्टी के गमले का चुनाव करें। मिट्टी के गमले में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं जो मिट्टी को सांस लेने में मदद करते हैं और नमी का संतुलन बनाए रखते हैं।

जब हम नर्सरी से पौधा लाते हैं, तो वह अक्सर सख्त लाल मिट्टी में लगा होता है। यह मिट्टी गमले में जम जाती है और जड़ों को फैलने नहीं देती। पौधा लगाने से पहले इस लाल मिट्टी को हटा दें। अच्छी ‘सॉइल मिक्स’ बनाने के लिए सामान्य मिट्टी में कोकोपीट और वर्मीकंपोस्ट मिलाएं। यह मिश्रण मिट्टी को हल्का और उपजाऊ बनाए रखता है, जिससे पौधा तेजी से बढ़ता है।

शास्त्रों में तुलसी को रोज जल चढ़ाने की सलाह दी गई है, लेकिन तब तुलसी खुले आंगन में जमीन पर लगी होती थी। अब शहरों में तुलसी गमलों में होती है। अगर आप प्लास्टिक के गमले में रोज पानी डालेंगे, तो पौधा निश्चित रूप से सूख जाएगा। नियम यह है कि हफ्ते में केवल 2 बार अच्छी तरह पानी दें। अगर आप धार्मिक रूप से रोज जल चढ़ाना चाहते हैं, तो बहुत ही कम मात्रा में पानी डालें।

तुलसी को फलने-फूलने के लिए रोजाना 3 से 4 घंटे की धूप की जरूरत होती है। हालांकि, कड़कड़ाती गर्मी के दिनों में दोपहर 12 से 3 बजे की सीधी धूप पौधे को झुलसा सकती है। ऐसे समय में पौधे को छांव में रखें। अगर आपकी बालकनी में धूप नहीं आती, तो उसे ऐसी जगह रखें जहां अच्छी रोशनी आती हो।

​पौधे को घना बनाने के लिए उसे सही खाद देना जरूरी है। हर पहले और तीसरे शनिवार को सीवीड खाद का स्प्रे करें और दूसरे व चौथे शनिवार को एप्सम सॉल्ट पानी में मिलाकर छिड़कें। और जैसे ही तुलसी पर मंजरी आने लगे, उन्हें तुरंत तोड़ दें। मंजरी आने का मतलब है कि पौधा अपनी उम्र पूरी कर रहा है। इन्हें हटाने से पौधा फिर से नई पत्तियां देने लगता है और हरा-भरा हो जाता है।

तुलसी पर अक्सर सफेद रंग के चिपचिपे कीड़े लग जाते हैं, जो धीरे-धीरे पूरे पौधे का रस चूस लेते हैं। इनसे बचने के लिए एक लीटर पानी में एक चम्मच नीम ऑयल और एक चम्मच लिक्विड सोप मिलाएं और इसे पौधे पर अच्छी तरह स्प्रे करें। यह प्राकृतिक कीटनाशक पौधे को बिना नुकसान पहुंचाए कीड़ों से मुक्त रखता है।