ग्लॉसी और स्टाइलिश नाखूनों के लिए जेल नेल्स का क्रेज बढ़ रहा है। लेकिन इसमें मौजूद TPO जैसे केमिकल्स और UV लाइट्स त्वचा को अंदर तक नुकसान पहुंचा सकते हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. चांदनी जैन गुप्ता ने बताया कि बार-बार जेल मैनीक्योर कराने से न केवल नाखून कमजोर होते हैं, बल्कि स्किन कैंसर और इंफेक्शन का रिस्क भी बढ़ जाता है।
अगर आप जेल नेल मैनीक्योर की शौकीन हैं, तो आपको बताना चाहूंगी कि इसमें मिलने वाले TPO नामक केमिकल को कई देशों में बैन किया जा चुका है। ये हार्मफुल केमिकल जेल नेल पॉलिश में पाया जाता है। इसे सुखाने में यूज होने वाली UV लाइट की रेडिएशन भी नाखूनों को गहराई तक नुकसान पहुंचा सकती है। मेरे क्लिनिक में अक्सर ऐसी महिलाएं आती हैं, जिनके नाखून बार-बार जेल नेल्स कराने के बाद बहुत ज्यादा पतले, रूखे और बेजान हो चुके होते हैं।
एक डर्मेटोलॉजिस्ट के तौर पर, मैं ऐसे ट्रेंड के प्रति सावधानी बरतने की सलाह देती हूं।बेहतर होगा कि जेल नेल मैनीक्योर को नॉर्मल रूटीन की तरह फॉलो करने के बजाए, इसके पीछे छिपे साइंस और रिस्क को भी अच्छे से समझ लिया जाए। खासतौर पर, जेल नेल मैनीक्योर कराने का अंतराल, इसमें यूज होने वाले प्रोडक्ट, तकनीक और सेफ्टी स्टैंडर्ड का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए, जिससे सेहत के जोखिम से बचा जा सके।
क्या सच में रिस्की है जेल नेल मैनीक्योर का प्रोसेस?
जेल नेल मैनीक्योर का प्रोसेस आपके नाखूनों की नेचुर लेयर को इफेक्ट करता है। जेल नेल पॉलिश की प्रोसेस में कई ऐसे स्टेप हैं जो नेल्स के साथ स्किन से जुड़ी चिंताएं बढ़ा देते हैं।
बफिंग और फाइलिंग: इस प्रोसेस में नाखूनों की ऊपरी लेयर को घिसकर हटाया जाता है, ताकि जेल नेल ठीक से चिपक जाए। नेल फाइल करने से न सिर्फ नाखुल पलते हो जाते हैं, बल्कि नेचुरल शाइन भी चली जाती है।
UV क्यूरिंग: जेल पॉलिश लगाने के बाद नेल्स को सुखाने के लिए 1.5 से 2 मिनट तक UV या LED लैंप के नीचे रखते हैं। यहां आपकी स्किन हार्मफुल रेडिएशन के डायरेक्ट संपर्क में आती है।
हार्ड रिमूवल: जेल नेल को हटाना भी आसान नहीं है। इसके नाखूनों को 10-15 मिनट तक एसीटोन में डिप करते हैं, जिसके बाद नेल्स को घिसकर निकालते हैं। इससे नाखून ड्राई होकर कमजोर पड़ने लगते हैं। इस स्टेप के बाद कई बार नाखून टूट भी जाते हैं।
UV लैंप से नेल्स और स्किन को होने वाले नुकसान
जेल नेल पॉलिश को सुखाने के लिए यूज होने वाले एलईडी लैंप UVA किरणें छोड़ती हैं, जो धूप से निकलने वाली खतरनाक किरणों से भी तेज होती है। ये स्किन की गहराई तक जाती हैं।
बार-बार UV लैंप से निकलने वाली किरणों के संपर्क में आने से हाथों पर झुर्रियां, महीन रेखाएं और काले धब्बे पड़ने लगते हैं
कभी-कभार यूज से रिस्क कम है, लेकिन बार-बार बिना सेफ्टी के UV लैंप यूज करने पर स्किन कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।
रिसर्च से पता चला है कि जेल नेल्स में मौजूद TPO जैसे केमिकल्स महिलाओं में फर्टिलिटी को भी टार्गेट करते हैं। यही वजह है कि कई देशों में जेल नेल पॉलिश को बैन किया जा रहा है।
जेल नेल और DIY किट्स के साइड इफेक्ट्स
स्टाइलिश जेल नेल्स के महंगे प्रोसेस को सस्ता के लिए मार्केट में कम कीमत वाली DIY किट्स भी बेची जा रही हैं। लेकिन ये किफायती ट्रेंड भी आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। जहां सैलून में एक्सपर्ट्स प्रोफेशनल प्रोटोकॉल का पालन करते हैं, वहीं बिना एक्सपीरिएंस अपने आप जेल नेल के केमिकल्स का यूज करने से इंफेक्शन और नाखूनों के डैमेज होने का रिस्क बना रहता है।
कई बार जेल नेट मैनीक्योर में क्यूटिकल को भी नुकसान हो जाता है। ये लापरवाही फंगल इंफेक्शन का रिस्क बढ़ा देती है।
सेल्फ यूज वाली DIY किट पर लिखी जानकारी पढ़े बिना एप्लीकेशन या UV लाइट ओवर-एक्सपोजर खतरनाक हो सकता है।
बिना सावधानियां जानें, जेल नेल को उखाड़ने या गलत तरीके से हटाने पर भी नाखून हमेशा के लिए कमजोर हो सकते हैं।
इन संकेतों को भूलकर भी ना करें नजरअंदाज
यदि नाखून बहुत ज्यादा पतला दिखने लगे।
जेल नेल हटाने पर बार-बार नाखूनों का टूटना।
नाखून में काले निशान या पीलापन होना।
क्यूटीकल्स के पास खुजली, रेडनेस, सूजन या मवाद आना।
नाखूनों का नेल बेड से अलग होना।
हाथों पर बढ़ती झाइयां और स्किन टोन का डार्क होना।
इन सभी सिचुएशन में बिना देर किए किसी डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए, ताकि इंफेक्शन और सीरियस हेल्थ इशू को रोका जा सके।
जेल नेल मैनीक्योर से जुड़ी सावधानियां
जेल नेल ब्यूटी ट्रेंड आपके नाखूनों को अट्रैक्टिव बना सकता है, लेकिन इस प्रोसीजर की कीमत अपने नाखूनों की सेहत से अदा ना करें। ऐसे में जरूरी है कि जेल नेल मैनीक्योर के दौरान सावधानी और सेफ्टी स्टैंडर्ड का खास ख्याल रखा जाए। जानें कैसे-
जेल नेल मैनीक्योर कराने से 20 मिनट पहले अपने हाथों पर ब्रॉड स्पैक्ट्रम सनस्क्रीन जरूर लगाएं।
अपने नाखूनों पर लगातार जेल नेल न लगवाएं। दूसरे जेल नेल मैनीक्योर से पहले 20 दिन का ब्रेक लें।
हर मैनीक्योर के बाद नाखूनों को 20 दिन तक पर्सनल केयर दें ताकि सही से रिकवरी हो सके।
जेल नेल्स कराने के लिए किसी अच्छे सर्टिफाइड सैलून को चुनें। जेल नेल्स को घर पर हटाने की गलती न करें।
नेल्स का ग्लैमर बढ़ाएंगे ये सेफ ऑप्शन
जेल नेल्स लगवाने से नाखूनों की खूबसूरती तो बढ़ जाती है, लेकिन ये प्रोसेस काफी रिस्की होता है। यदि आप बिना रिस्क के नाखूनों को सुंदर और आकर्षक बनाए रखना चाहते हैं तो नीचे दिए सेफ ऑप्शन अपना सकते हैं।
रेगुलर नेल पेंट: रेगुलर नेल पेंट लगाने से केमिकल एक्सपोजर न के बराबर होता है और UV लाइट यूज नहीं करनी पड़ती। इसे आसानी से हटाया भी जा सकता है।
DIY प्रेस-ऑन नेल्स: मार्केट में रीयूजेबल नेल्स आसानी से मिल जाते हैं। ये स्टाइलिश तो होते ही हैं, इन्हें गोंद के साथ चिपकाकर और आसानी से हटाया जा सकता है।
डिप पाउडर मैनीक्योर: डिप पाउडर मैनीक्योर भी सेफ ऑप्शन है, जिसमें UV लाइट यूज नहीं होती। लेकिन इसे प्रोफेशनल से ही कराना चाहिए।
वैसे तो जेल नेल्स को स्पेशल ओकेजन पर ही करवाएं तो ये उतना हार्मफुल नहीं है। फिर भी, मेरी सलाह यही है कि जेल नेल मैनीक्योर कराने से पहले सेफ्टी स्टैंडर्ड, सही तकनीक और अच्छे प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म को चुनें, ताकि आपके नाखूनों को खूबसूरती की कीमत सेहत से ना चुकानी पड़े।











































