हरियाणा के 14 जिलों में अब 12 साल पुरानी टूरिस्ट गाड़ियां नहीं चल सकेंगी, जानें क्या हैं नए नियम

parmodkumar

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चंडीगढ़: हरियाणा में अब 12 साल पुराने पयर्टन वाहनों के संचालन पर पूरी तरह से रोक रहेगी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के 14 जिलों में पेट्रोल और सीएनजी आधारित वही पयर्टन वाहन चलाए जा सकेंगे, जिनके रजिस्ट्रेशन को 12 साल से अधिक का समय नहीं हुआ है। परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजा शेखर वुंडरू की ओर से बुधवार को हरियाणा मोटर यान संशोधन नियम जारी कर दिए गए हैं। एनसीआर में स्कूल बस या डीजल बसें 10 साल से अधिक नहीं चल सकेंगी। निर्धारित समय पूरा कर चुके वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया जाएगा।

नए नियमों के अनुसार डीजल पर्यटन वाहनों की उम्र 10 साल तय की गई है। एनसीआर से बाहर भी पेट्रोल-सीएनजी से संचालित पर्यटन वाहनों की उम्र 12 साल ही रहेगी, लेकिन डीजल वाहनों के मामलों में दो साल की राहत दी गई है। एनसीआर से बाहर के नौ जिलों में 12 साल तक पुराने पर्यटन वाहन चलाए जा सकेंगे। हरियाणा के 23 में से 14 जिले करनाल, जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नूंह और पलवल एनसीआर में शामिल हैं।

ये 9 जिले शामिल नहीं

नौ जिले पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, हिसार, सिरसा, कैथल, हांसी, फतेहाबाद और अंबाला जिले एनसीआर से बाहर हैं। स्कूल बसों के साथ ही रोडवेज और निजी बसों तथा कांट्रेक्ट कैरिज और गुड्स कैरिज के तहत परमिट लेने वाले वाहनों के लिए भी उम्र सीमा तय की गई है। एनसीआर से बाहर डीजल वाहनों के लिए भी पंद्रह वर्ष की उम्र तय की गई है।