खाली पेट नींबू पानी पीना बो, ब्रेकफास्ट में बेरीज की स्मूदी का सेवन हो या फिर शाम की वो एक कप मसाला चाय लेना, ये काम एकदम मामूली और सुरक्षित लग सकते हैं। लेकिन यह तीनों चीजें धीरे धीरे एक चीज को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिसे दोबारा नहीं प्राप्त किया जा सकता है और वो है दांतों का इनेमल।
हर दांत के ऊपर मौजूद पतली परत को इनेमल कहते हैं। यह पतली सी परत इंसानी शरीर का सबसे कठोर पदार्थ है। हमने नई दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर आशीष कक्कर (बीडीएस, एम. एससी (प्रोस्थेटिक डेंटिस्ट्री), FICOI (USA)) से इसके बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि इनेमल हड्डियों से भी मजबूत होता है।
यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि इनेमल में कोई जीवित सेल्स नहीं होती हैं। इसलिए अगर एक बार यह घिस जाता है तो दोबारा नहीं बन सकता है। इसी वजह से इसकी देखभाल करना जरूरी हो जाता है।
इनेमल मिनरल्स से बना होता है और दांतों के अंदर एसिड-बैक्टीरिया पहुंचने से बचाता है। गर्म-ठंडा, चबाने व पीसने के दबाव को सहन करने लायक बनाता है। फिर भी इसकी सुरक्षा के लिए टूथपेस्ट पर ध्यान नहीं देते हैं। इसकी वजह से इनेमल धीरे धीरे घिसता चला जाता है और दांत सेंसिटिव, कम चमक वाले, पीले और कैविटी के शिकार हो जाते हैं।
एसिडिक फूड जैसे खट्टे फल, जूस, फिजी ड्रिंक, कोल्ड ड्रिंक, कॉफी, चटनी, संतरा, टमाटर, सिरका, बेरी इनेमल के लिए नुकसानदायक होती हैं। पीएच 7 से जितना कम पीएच होगा, उतना ज्यादा नुकसान होगा। जैसे नींबू का पीएच लगभग 2 है, संतरे का 3 से 4 तो नींबू ज्यादा नुकसानदायक है। दांतों को ब्रश से ज्यादा रगड़ना भी इसे कमजोर बना सकता है। इनेमल हटने से अंदर की डेंटिन परत दिखने लगती है, जो पीली होती है।
अगर आप आजकल के मॉडर्न हेल्दी ट्रेंड को बिना सावधानी के कर रहे हैं तो वो भी नुकसानदायक हो सकता है। स्मूदी, जूस, कोम्बुचा, सिरके का सलाद, सिट्रस डिटॉक्स ड्रिंक भी इनेमल को हटा सकती हैं। खट्टे फलों का जूस पीना और ग्रीन टी सेहत को फायदा तो दे सकता है, लेकिन इनेमल को नुकसान भी पहुंचा सकता है।
दांतों की चमक कम होना
दांत पीले पड़ना
दांतों के किनारे गोल या ट्रांसपेरेंट होना
बार बार दांत चिप होना
गर्म-ठंडा लगना
कैविटी होना
एसिडिक खाने के साथ दूध, चीज या खीरे जैसी कम एसिडिक वाली चीजें लें, डेयरी प्रोडक्ट मुंह का पीएच बैलेंस करते हैं और कैल्शियम देते हैं। खट्टे सोडा, नींबू पानी, आइस्ड टी या एसिडिक ड्रिंक को स्ट्रॉ से पीएं। खूब पानी पीएं
डेंटिस्ट से रेगुलर चेकअप करवाएं
बार बार स्नैकिंग से बचें
खाने के बाद कुल्ला जरूर करें, तुरंत ब्रश ना करें
दही, पनीर और हरी पत्तेदार सब्जियों से कैल्शियम लें
एसिडिक खाने के बाद तुरंत ब्रश ना करें, कम से कम 30 मिनट तक रुकें
नरम ब्रिसल वाला टूथब्रश इस्तेमाल करें
हल्के हाथ से गोल गोल घुमाकर ब्रश करें
फ्लोराइड या इनेमल मजबूत करने वाला टूथपेस्ट चुनें
दिन में दो बार, सुबह और रात को ब्रश करें
हर तीन महीने में ब्रश बदलें




































