संसद में बीते दिनों मोबाइल रिचार्ज को लेकर सरकार और विपक्ष लगभग एक ही धुन पर बात करते दिखे। सांसद राघव चड्ढा ने दो प्रमुख मुद्दे उठाए। पहला- लोगों के मासिक प्लान में मिलने वाला डेली डेटा रात 12 बजे खत्म ना हो, बल्कि अगले दिनों के लिए कैरी फॉरवर्ड हो जाए। दूसरा मुद्दा उठा- 28 दिनों में रिचार्ज खत्म होने का। सांसद ने मांग की, कंपनियां पूरे महीने की वैलिडिटी दें। जवाब में दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि महीने भर वाले रिचार्ज पहले से उपलब्ध हैं और कंपनियों से उन्हें प्रमोट करने के लिए कहा गया है। जब सरकार और विपक्ष दोनों इस बदलाव को होते हुए देखना चाहते हैं तो फिर दिक्कत कहां है? इसका जवाब है टेलिकॉम कंपनियां। जियो, एयरटेल और वोडा-आइडिया जितनी वैरायटी 28 दिनों के प्लान में देती हैं, वह 30 दिन या 1 महीने वाले रिचार्ज में नहीं मिलती। यही वजह है कि लोग 28, 56 या 84 दिनों वाले प्लान को प्राथमिकता देते हैं और 12 के बजाए साल में 13 बार रिचार्ज का पैसा चुकाते हैं।
1 साल में 13 बार रिचार्ज कैसे?
1 साल में 365 दिन होते हैं। 28 दिनों हिसाब से ग्राहक 336 दिन का रिचार्ज 12 बार में कराते हैं। यानी पूरे साल में उनके पास 29 दिनों की वैलिडिटी कम पड़ जाती है। इस तरह उन्हें एक साल के अंदर 12 के बजाए 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है। ऐसा ही 56 और 84 दिनों की वैलिडिटी वाले रिचार्ज प्लान में भी होता है।
सरकार-विपक्ष दोनों के एक जैसे सुर
विपक्ष के सांसद राघव चड्ढा ने मांग की है, मोबाइल कंपनियां अपने ग्राहकों को पूरे महीने की वैलिडिटी दें। वहीं, सरकार का कहना है कि 30 दिनों की वैलिडिटी वाले प्लान पहले से ही उपलब्ध हैं। टेलिकॉम रेगुलेटरी ऑफ इंडिया यानी ट्राई का भी नियम है कि सभी टेलिकॉम कंपनियों को 30 दिनों वाला प्लान देना जरूरी है। कंपनियां तीन तहर के वाउचर देती हैं- प्लान वाउचर, कॉम्बो वाउचर और स्पेशल टैरिफ वाउचर, उसमें 30 दिन वाला एक प्लान देना आवश्यक है।
30 दिनों के प्लान में वैरायटी की कमी
बड़ी समस्या 30 दिनों के प्लान में वैरायटी की है। आम ग्राहक फोन रिचार्ज कराते समय सिर्फ वैलिडिटी ही नहीं देखता। वह अनलिमिटेड कॉल्स, डेली डेटा पर भी ध्यान देता है। मोबाइल कंपनियां जो वैरायटी 28 दिनों के प्लान में देती हैं, वह 30 दिन वैलिडिटी वाले प्लान में नहीं होती। उदाहरण के लिए- एयरटेल की वेबसाइट पर एक महीने की वैलिडिटी वाले सिर्फ 4 प्लान लिस्ट हैं। वहीं, 28 दिनों की वैलिडिटी के साथ कंपनी ने 7 प्रीपेड प्लान लिस्ट किए हैं। 30 दिनों की वैलिडिटी में कंपनी कोई ऐसा रिचार्ज नहीं ऑफर करती जो सिर्फ वैलिडिटी पर फोकस करे और कम कीमत में मिल जाए। यही वजह है कि जिन यूजर्स को डेटा नहीं, सिर्फ वैलिडिटी चाहिए, उन्हें 28 दिनों का रिचार्ज कराना पड़ता है।
दिक्कत क्या है, कैसे होगी दूर?
एक महीने वाले रिचार्ज में सबसे बड़ी दिक्कत वैरायटी की है। मोबाइल कंपनियों को ऐसे रिचार्ज प्लान पेश करने होंगे जो 1 महीने की वैलिडिटी कम कीमत में दें, भले उनमें डेटा कम हो। इससे गरीब लोगों को रिचार्ज का सस्ता ऑप्शन मिलेगा और वह एक साल में 13 बार रिचार्ज कराने के लिए मजबूर नहीं होंगे। हालांकि सवाल है, क्या कंपनियां इसके लिए तैयार होंगी, क्योंकि यह सीधे उनकी कमाई को प्रभावित करेगा?















































